उच्च क्षमता संपन्न समिति ने विमानन क्षेत्र के प्रमुख परियोजनाओं की समीक्षा की

PNS Bureau ,भुवनेश्वर, 6 दिसंबर:
खारवेल भवन के 8वीं मंजिल स्थित सम्मेलन कक्ष में आज मुख्य सचिव श्री मनोज आहूजा की अध्यक्षता में विमानन उच्च क्षमता संपन्न समिति की चौथी बैठक आयोजित की गई। बैठक में विकास आयुक्त एवं अतिरिक्त मुख्य सचिव श्रीमती अनु गर्ग, वाणिज्य एवं परिवहन विभाग की प्रमुख सचिव श्रीमती उषा पाढ़ी, पर्यटन के आयुक्त–सह–सचिव बलवंत सिंह, तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। बैठक का मुख्य उद्देश्य था— विकसित ओडिशा 2036–47 के विज़न के अनुरूप राज्य की विमानन इकोसिस्टम को सुदृढ़ बनाना।
विमानन क्षेत्र में बड़े अवसरों की समीक्षा
बैठक में विमानन क्षेत्र के महत्वपूर्ण अवसरों और चुनौतियों की विस्तृत समीक्षा की गई।
मुख्य बिंदु:
- राज्य में बुनियादी ढाँचा विकास को तेज करना
- हवाई संपर्क बढ़ाना
- निवेशकों के लिए अनुकूल नीतिगत वातावरण तैयार करना
सबसे महत्वपूर्ण चर्चा 2047 तक राज्य में 15 पूरी तरह कार्यरत हवाईअड्डे विकसित करने के लक्ष्य पर हुई। यह ओडिशा की क्षेत्रीय, घरेलू और अंतरराष्ट्रीय हवाई सेवा को नई ऊँचाइयों पर ले जाने वाला ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है।
फ़्लाइंग ट्रेनिंग ऑर्गेनाइजेशन (FTO) के लिए विशेष नीति
बैठक में विमानन उद्योग के लिए कुशल जनशक्ति तैयार करने हेतु
फ़्लाइंग ट्रेनिंग ऑर्गेनाइजेशन (FTOs) को प्रोत्साहित करने के लिए एक विशेष नीति की आवश्यकता पर जोर दिया गया।
- ढेंकानाल स्थित विमानन केंद्र की कार्यप्रणाली की समीक्षा की गई
- इसे उड़ान प्रशिक्षण और कौशल निर्माण का प्रमुख केंद्र बनाने पर चर्चा हुई
साथ ही, नियामक प्रक्रियाओं को सरल बनाने, घरेलू निवेश आकर्षित करने और क्षेत्रीय संतुलित विकास सुनिश्चित करने के लिए एक व्यापक राज्य विमानन नीति तैयार करने पर भी विचार किया गया।
विमान निर्माण और MRO को बढ़ावा
कमीटी ने ओडिशा की विमानन वैल्यू चेन को मजबूत करने के लिए निम्न विचार रखे:
- औद्योगिक नीति में विमान निर्माण व
- MRO (Maintenance, Repair & Overhaul) सुविधाओं को प्रमुख क्षेत्र के रूप में शामिल करना
- सामान्य विमान सेवा को बढ़ावा देने के लिए
नई डेस्टिनेशन पॉलिसी तैयार करना - छोटे विमानों के माध्यम से दूरस्थ एवं पिछड़े क्षेत्रों के लिए
क्षेत्रीय हवाई संपर्क विकसित करना
ग्रीनफील्ड अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे (पुरी) की प्रगति की समीक्षा
पुरी में प्रस्तावित ग्रीनफील्ड अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे सहित राज्य के विभिन्न हवाईअड्डों और एयरस्ट्रिप के विकास की स्थिति की विस्तृत समीक्षा की गई।
मुख्य सचिव ने कहा:
- समय पर परियोजना क्रियान्वयन
- विभागों के बीच समन्वय
- सक्रिय योजना
ओडिशा को पूर्वी भारत का प्रमुख विमानन केंद्र बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण है।
इसके साथ राउरकेला और झारसुगुड़ा की हवाई कनेक्टिविटी का भी निरीक्षण किया गया। (PNS)




